bhoot ki kahani bhooto ka bagla

                                   भूतों का बगला bhoot ki kahani











bhooto ka bagla
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  दोस्तो बहुत से लोग भूत प्रेत पर यकीन नहीं करते में कहता 90 % लोग भूतों पे विश्वाश नहीं करते लेकिन कुछ घटनाये एसी घट जाती हे जिन  पर न चाहकर कर भी विश्वाश करना पड़ता हैं . मानना पड़ता हैं . you tube पर cctv footage दिखाई जाती हैं . वह बहुत कम हि fake होती हे उन footage को देखकर हमें एह्साश होता हे कि शायद भूतों का अस्तिव्य होता हैं . यह कहानी भूतों का बागला एक शापित बगले की कहानी हैं इस कहानी को केवल मनोरंजन के रूप में ले .


इस बगले को बनबाने का कारण दुनिया दारी को छोड़कर एक एकांत में समय बिताने के लिए बनबाया गया था .इस बगले को बनबाने का मकशद एसे लोगो के लिए था जो अपने काम में इतना व्यस्त रहते हैं कि उन्हें अपनी फॅमिली को भी समय नहीं दे पाते तथा कुछ बीमार लोग भी यहाँ रहकर पूरी तरीके से ठीक हो जाये यह बागला पहाड़ों और जंगल के बीच में बना हुआ था . जहा पर कोई आता जाता नहीं था . खाने पीने तथा रहने की पूरी सुबिधा थी . यह बागला किराये पर दिया जाता था . इस बगले में बहुत से मरीज तथा बहुत सी फॅमिली इस जगह एकांत का लुफ्त उठा चुकी थी.
यह बागला बहुत फेमस हो चूका था . कोई न कोई इस बगले को बुक करता रहता था . एक मरीज बगले में  रहने को आया जो दिमागी हालत से ठीक नहीं था . उसे दीमाग की कई बीमारिया थी . डोक्टरों ने सला दे थी ताजा हवा तथा एकांत में रहकर तुम्हारी तबियत में थोडा बहुत सुधार आ सकता हैं . लेकिन वह मरीज ज्यादा दिन तक जिन्दा नहीं रहा उसकी 15 दिनों बाद मौत हो जाती हैं . फिर उसके बाद चार दोस्त छुट्टिया बानाने को इस बगले में रहने जाते हैं . चारों दोस्त इधर उधर घूमते तथा मस्ती करते उन्हें रहते 8 दिन हुए थे bhoot ki kahani.





एक रात जब चारों दोस्त सोये हुए थे तब एक दोस्त पानी पीने के लिए उठता हैं . जब टंकी खोलकर पानी पीने लगता तो उसे एसा महसूस होता है की उसके पीछे कोई खड़ा है . लेकिन जब मुड़कर देखता तो वहा कोई नहीं खड़ा हुआ दिखता ओर वह जाकर सो जाता हैं . फिर उन चारों दोस्तों साथ एसी घटनाये घटनी चालू हो जाती हैं . कभी रात को कुत्ते की रोने की आबाज आना जब एक दोस्त रात को पेसाब करने को उठा तो जब बाथरूम का दरबाजा खोलने की कोशिश की लेकिन बाथरूम का दरबाजा नहीं खुल रहा था .





जब देखा की कोई अन्दर नहीं हे तो दरबाजा अन्दर से  क्यों लॉक हैं . दरबाजे पर ज्यादा जोर लगाया जाता हैं तो दरबाजे का लॉक टूट जाता हैं . जब अंदर पेसाब करने को घुसता हैं . तो उस मरीज का भूत उस लड़के पर हमला कर देता हैं . गला पकड़कर उसको हवा में टांग देता हैं . थोड़ी देर बाद वह नीचे गिर जाता हैं और चिल्लाते हुए अपने दोस्तों के पास पहुचता हैं .उसे चीखता देख कर तीनो दोस्त उठ जाते हैं . जब इस वाक्य को सुन्नते हे तो अपने दोस्त पर हसने लगते हैं . उन तीनो दोस्तों को विश्वाश हि नहीं हो रहा था .की एसा कैसे हो सकता हैं .







रात के 2.50 बज रहे थे तब टंकी से अपने आप पानी निकलने की आबाज सुने देने लगती हैं . जब चरों दोस्त वहा जाकर देखते हैं .तो वहा पर पानी की जगह खून वह रहा होता हैं . ये नज़ारा देख चारो डर जाते हैं और बगले से भागने की कोशिश करते हैं . उस आत्मा ने सभी दरबाजे लॉक कर दिए जब दरबाजे नहीं खुल्र रहे थे तो वह चारो और ज्यादा डर गए रात को 3.00 बजे का समय हो चूका था . आप सभी लोगो को पता हे की किसी की आत्मा 3.00 बजे के टाइम में बहुत शक्ति शाली हो जाती हैं . उन चारो पर कभी कुर्सी से हमला कभी किसी ओर चीज से हमला वह आत्मा करने लगी.


वह चारो बहुत बुरी तरीके से उस बगले में फस जाते हे चीखते हे चिल्लाते हैं कि हमें बचा ले लेकिन वहा कोई एसा नहीं था की चारों दोस्तों की जान बचा ले . और वह आत्मा रहष्मी डंग से चारो दोस्तों की जान ले लेती हैं . ओर फिर यह शापित बगले में तब्दील हो जाता जब लोगो को इस घटना के बारे में पता चलता है तो कभी भूलकर कर इस बगले में जाने की दुआ करते हैं . और इस तरह यह बागला bhooto ka bagla बन जाता हैं bhoot ki kahani.









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